Kyon mera Mahabharat? - Soumik Tripathy

महाभारत, वह महागाथा जो युगों युगों से भारतवर्ष के संस्कृति, इतिहास और विचारधारा का अभिन्न अंग रहा है | महा समर के शंखनाद के पूर्व, कुरुक्षेत्र रणभूमि के शीतल, शांत रजनी में बारह योद्धा विचार में डूबे हैं | द्रौपदी रणभूमि के निकट नहीं है किन्तु उसका प्रभाव सर्वत्र है | सूर्य का प्रथम प्रकाश एक भीषण रण की गर्जना लेकर आएगा | सारे योद्धा अपने बीते जीवन पर एक दृष्टि डाल कर आने वाले युद्ध के लिए प्रस्तुत हो रहे हैं | क्या है उनकी मनोदशा ? क्या है उनका अभिप्राय? क्या है उनकी धर्म की परिभाषा? क्यों लड़ना चाहते हैं वे यह घातक युद्ध? सुनते हैं उनके ही मुख से इन कविताओं के माध्यम से |

 

"क्यों मेरा महाभारत?"   (Click READ MORE if e-book pdf is not visible below)


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